इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) रोनोजॉय दत्ता ने सभी कर्मचारियों के वेतन में कटौती की घोषणा की

इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) रोनोजॉय दत्ता ने सभी कर्मचारियों के वेतन में कटौती की घोषणा की है, वह खुद 25 फीसदी कम वेतन लेंगे. कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट्स और इससे ऊपर के कर्मचारियों की सैलरी में 20 फीसदी की कटौती होगी, जबकि वाइस प्रेसिडेंट्स और कॉकपिट क्रू की सैलरी 15 फीसदी कटेगी


 कोरोना वायरस (Coronavirus) की मार एयरलाइन कंपनियों पर पड़ने लगी है. बजट एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने गुरुवार को अपने सभी कर्मचारियों की सैलरी में कटौती की घोषणा की है. इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) रोनोजॉय दत्ता ने सभी कर्मचारियों के वेतन में कटौती की घोषणा की है. वह खुद 25 फीसदी कम वेतन लेंगे. कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट्स और इससे ऊपर के कर्मचारियों की सैलरी में 20 फीसदी की कटौती होगी, जबकि वाइस प्रेसिडेंट्स और कॉकपिट क्रू की सैलरी 15 फीसदी कटेगी.

इंडिगो के सीईओ ने वेतन कटौती की घोषणा करते हुए कहा कि कोराना वायरस महामारी के कारण इनकम में गिरावट आई है, इससे एयरलाइन इंडस्ट्री का अस्तित्व संकट में है.

आर्थिक माहौल काफी बिगड़ गया है, सख्त कदम उठाने होंगे
इंडिगो के फ्लाइट ऑपरेशन के प्रमुख अशीम मित्रा ने गुरुवार को पायलटों को भेजे एक ई-मेल में कहा कि विमानन क्षेत्र में आर्थिक माहौल काफी बिगड़ गया है और अगले कुछ दिनों तथा हफ्तों में सख्त कदम उठाना आवश्यक हो गया है. कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण दुनियाभर में देशों के आंशिक या पूरी तरह से सीमाएं सील करने के कारण विमानन क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा है क्योंकि विश्वभर में ज्यादातर विमानन कंपनियों ने अपने विमान संचालन में जबरदस्त तरीके से कटौती कर दी है. मित्रा ने ई-मेल में कहा, आर्थिक माहौल काफी बिगड़ गया है और कोई भी विमानन कंपनी इस गिरावट से बची नहीं है.


एअर इंडिया भी कर सकती है सैलरी में कटौती
वित्तीय संकट से जूझ सरकारी एयरलाइन एअर इंडिया (Air India) भी कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते अपने कर्मचारियों की सैलरी में 5 फीसदी की कटौती कर सकती है. सूत्रों ने कहा कि एअर इंडिया ने अपने सभी इंटरनेशनल ऑपरेशन बंद कर दिए है. सैलरी में कटौती सभी कर्मचारियों की होगी.

सरकार को एअर इंडिया में 3,000 करोड़ रुपये डालने की जरूरत
एअर इंडिया की बिक्री में हो रही देरी के चलते सरकार को इसका निजीकरण पूरा होने तक इसे परिचालन में बनाए रखने के लिए 3,000 करोड़ रुपये डालने की जरूरत है. एअर इंडिया की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए सरकार रुचि पत्र जमा कराने की आखिरी तारीख पहले ही 17 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल कर चुकी है. सरकार ने एअर इंडिया के निजीकरण के लिए 2018 के बाद जनवरी 2020 में दोबारा कोशिशें शुरू की