ठंड का असर दिखना शुरु, अस्पतालों में लगी कतार

देशभर में ठंड ने अपना अपना असर दिखाना शुरु कर दिया है। इस हफ्ते से शुरू हुई तेज ठंड ने लोगों के दिल और दिमाग पर असर डालना शुरू कर दिया है। अस्पतालों में हार्ट अटैक के मरीज 30 से 50 फीसद तक बढ़ गए हैं। भोपाल के हमीदिया अस्पताल में आईसीसीयू में हार्ट अटैक के रोज एक-दो मरीज आ रहे थे अब चार-पांच मरीज आ रहे हैं। दिमाग की नसों में खून का थक्का जमने से ब्रेन स्ट्रोक (लकवा) के औसतन तीन मरीज रोज पहुंच रहे हैं। हार्ट की नसें सिकुड़ने का खतरा हमीदिया अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.आरएस मीना ने बताया कि ठंड में अन्य अंगों की तरह हार्ट की नसें सिकुड़ती हैं। खून भी गाढ़ा होता है। ऐसे में जिन मरीजों को दिल की आर्टरी (नसें) में पहले से कुछ ब्लॉकेज रहता है, उन्हें हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इन दिनों दिल की अन्य बीमारियों के मरीज कम हुए हैं पर हार्ट अटैक के बढ़ गए हैं


ठंड बढ़ने के साथ ही हार्ट अटैक के 25 फीसद मरीज बढ़े हैं। बच्चों में गले में संक्रमण, निमोनिया के मरीज 30 फीसद तक बढ़े हैं।


ठंड बुजुर्ग मरीजों की आंख पर भी असर डाल रही है। हमीदिया अस्पताल में नेत्र रोग विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. एसएस कुबरे ने बताया कि दो दिन के भीतर दो मरीजों की एक-एक आंख की रोशनी सेंट्रल रेटिनल आर्टियरी ऑक्लूजन की वजह से चली गई। इस बीमारी में रेटिना को खून पहुंचाने वाली नस में रुकावट होने की वजह से रोशनी चली जाती है। बुजुर्गो को गुनगुना पानी खूब पीना चाहिए। आंख में अचानक दिखाई देना कम हो जाए तो आई बॉल की मसाज करना चाहिए। नीचे की तरफ देखते हुए आंख को पांच सेकंड तक दबाकर रखने के बाद छोड़ना चाहिए


रखें सावधानियां


सुबह धूप निकलने के पहले न निकलें। गुनगुना पानी पीएं।


बीपी के मरीज नियमित दवाएं लें।


बिना फिटनेस टेस्ट के टीएमटी या अन्य व्यायाम न करें।


किसी अंग में कमजोरी या सुन्नपन आए तो फौरन डॉक्टर के पास पहुंचें।


ठंड से बचने के लिए शरीर को पूरी तरह से ढंके, खासतौर पर सिर को।


जिनका हार्ट ठीक से काम नहीं कर रहा है उन्हें निमोनिया का डर रहता है, इसलिए निमोनिया का टीका लगवाएं। -डायबिटीज, हाई बीपी, क्रॉनिक किडनी रोगी विशेष ध्यान रखें